श्रीमती अब नहीं, आखिरकार सीईओ

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अध्याय 258

उसने सोचा था कि वह चाहे जितना भी नखरे करे, जितना भी तांडव मचाए, एलैन फिर भी उसकी माँ ही रहेगी—हमेशा वहीं, उसका मन बदलने का इंतज़ार करती हुई।

लेकिन अभी जो हुआ, उसने उसके बचकाने भरोसे को पूरी तरह चकनाचूर कर दिया।

माँ की नज़रें उसे ऐसे देख रही थीं जैसे वह कोई अजनबी हो।

माँ के शब्द—एक-एक करके—यही कह ...

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